नमस्कार मैं हूं योगी योगेन्द्र जैसा कि आप जानते हैं कि गेहूं को चपाती पराठा और भी कई तरह के भोजन बनाने के काम में लिया जाता है। चरक संहिता के अनुसार गेहूं टूटे हुए स्थानों को जोड़ने वाला होता है। वैसे गेहूं तासीर में शीतल और पौष्टिक होता है। गेहूं केा हम भोजन के रूप में अधिक मात्रा में काम में लेते है। लेकिन गेहूं कई तरह के रोगों केा समाप्त कर देता है। आज हम आपको उन्हीं के बारे में बताएंगे।
कंधों व गर्दन का दर्द समाप्त करता है
अगर आपके कंधे और गर्दन के बीच में दर्द रहता है इसे अंग्रेजी चिकित्सा में सवाईकल या स्पोंडीलाईटिस भी कहा जाता है। इसके लिए आप गेहूं का हलवा बनाकर दिन में दो बार गर्म गर्म खाएं। इससे कंधों के दर्द में आराम मिलता है। दर्द में आराम मिलने पर आप इसे दवा के रूप में एक सप्ताह तक नियमित रूप से खाएं।
किसी भी प्रकार की खांसी को समाप्त करता है
अगर आप बहुत दिनों से खांसी से परेशान हैं तो आप चालीस ग्राम गेहूं चार ग्राम सेंधा नमक पांच सौ एमएल पानी में उबाल लें। और जब तक उबालें जब तक यह एक तिहाई न रह जाए। फिर पानी को छानकर आप एक सप्ताह तक नियमित रूप से पिएं। कैसी भी खांसी हो एक सप्ताह में समाप्त हो जाएगी।
टॉन्सिल को समाप्त करता है
गले में होने वाला रोग टॉन्सिल काफी दर्द वाला रोग है। अगर आप को गले में यह हो गया है तो आप गेहूं का फुलका बनाएं और उस फुलके पर घी लगाकर गले के प्रभावित स्थान पर दो से तीन बार सेंक करें। उसके बाद कोई भी गर्म पेय पदार्थ पी लें। यह उपाय दिन मंे तीन बार करें। तीन से चार दिन तक नियमित रूप से करने से आपका टॉन्सिल समाप्त हो जाएगा।
आपको यह जानकारी कैसी लगी कमेंट में लिखें। अगर अच्छी लगी तो लाइक और शेयर जरूर कीजियेगा। इसी तरह की अन्य पोस्ट पढने के लिए हमसे जुडने के लिए आप हमें फॉलो करें धन्यवाद।

EmoticonEmoticon