.

पोर्न मूवीज को भारत में आखिर ब्लू फिल्म क्यों कहा जाता है, जानकर सोच में पड़ जाएंगे

नमस्कार दोस्तों मैं हूँ योगी योगेन्द्र जैसा कि आप जानते हो कि पोर्न मूवीज को भारत में ब्लू फिल्म के नाम से भी जाना जाता है | लेकिन क्या आपने कभी सोचा है इनका नाम ब्लू फिल्म क्यों पड़ा नहीं तो फिर इस पोस्ट को आप ध्यान से पढ़ते रहिये आज मैं आपको बताऊंगा की भारत में पोर्न मूवीज को आखिर ब्लू फिल्म क्यों कहा जाता है |





इतिहास क्या कहता है
दोस्तों आपको तो पता ही होगा की संस्कृत भाषा ही सबसे अधिक पुरानी भाषा है | आपको ये भी बता दें कि संस्कृत में जब नाटकों की शुरुआत हुयी तो सभी क्रियाओं को जो भी मनुष्य करता है उन्हें अलग अलग रस में बांटा गया है | श्रृंगार हास्य करुण रौद्र वीर भयानक वीभत्स अदभुत्त और शांत इस प्रकार कुल 9 रस बताए गये हैं | इसका मतलब ये है की जितने भी काम हम करते है वो सभी इन 9 रस के अनुसार ही किये जाते है |
रस क्या है
दोस्तों जितनी भी कहानियां या कविताएँ आदि एक मूड में लिखी जाती है उस मूड को ही उस रचना का रस कहा जाता है | थियेटर में कलाकार या फिल्मों में अभिनेता भी अलग अलग रस के हिसाब अभिनय करते है | आपको ये भी बता दें की किसी भी रस का नाम कभी नहीं आता है बस उसे सिर्फ फील किया जा सकता है | जैसे प्रेम की बात हो रही होगी तो श्रंगार रस में होगी | उत्साह की कोई बात होगी तो उसे वीर रस में पेश किया जायेगा |इसी तरह हर रस को पेश किया जाता है |

ब्लू फिल्म नाम कैसे पड़ा
दोस्तों आपको बता दें की हर रस की अपनी एक अलग भावना होती है और उसे पेश करने का एक अलग रंग होता है | इसके अलावा हर रस का एक अलग देवता भी होता है | अब प्यार तक तो श्रृंगार रस होता है लेकिन इसके बाद जो होता है उसे श्रृंगार नहीं कहते है यानि की जो पोर्न मूवीज में दिखाया जाता है वो सभी क्रियाएं वीभत्स रस के दायरे में आती है और वीभत्स रस का रंग नीला होता है इसलिए इस तरह की मूवीज को ब्लू फिल्म कहा जाता है | आप सभी रस और उनके रंग देवता इस टेबल में देख सकते है |
दोस्तों आपको ये जानकारी कैसी लगी हमें कमेन्ट में जरुर बताएं | अगर अच्छी लगी हो तो इसे लाइक और शेयर जरुर कीजिये इसी तरह की ज्ञानवर्धक पोस्ट पढ़ते रहने के लिए आप मुझे फॉलो करें धन्यवाद


EmoticonEmoticon